तभी जिंदगी सच्चे मायनों में जि़ंदा लगती है।”
हाँ हम कबूल करते हैं, हम तेरे ही दीवाने! ❤️
तजुर्बा कहता है मोब्बत से किनारा कर लूं
कि दिल के अंदर कुछ उदासी बहुत ज्यादा उदासी में बदलती जा रही है.
वो भी बड़ा हमदर्द था जो दर्द हजारों दे गया l
वरना अकेलेपन से तो हम रोज़ बातें करते हैं।”
जिसे अपना माना, उसी ने तोड़ दिया,अब ना किसी से दिल लगाने का मन करता है।
राहें गलत नहीं होती हम गलत चुन लेते हैं।
सब तुझे चाहते होंगे तेरा साथ पाने के लिए,
वो रिश्ते ही क्या जो सिर्फ़ नाम के रह जाए।
तेरे ख्यालों में ही बीतते हैं मेरे दिन-रात,तू पास हो या दूर, दिल रहता HINDI SHAYARI है साथ। ❤️
तेरी हँसी का इक सिरा मिले तो सुलझ जाते हैं! ✨
आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं
तेरी बेवफ़ाई ने कुछ ऐसा सिखा दिया,अब मोहब्बत नाम सुनते ही डर लगता है।